अंबेडकरनगर। भीटी तहसील के मिझौड़ा गांव में कथित तौर पर फर्जी पुत्री बनकर जमीन अपने नाम कराने और फिर उसे बेचने के मामले में अदालत ने जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी।
मृतक की पुत्री होने के दावे पर उठाए सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी बृज प्रसाद ने अदालत में शिकायत की है कि गांव की एक महिला ने खुद को मृतक की पुत्री बताकर जमीन अपने नाम करा ली। इसके बाद जमीन की बिक्री भी कर दी गई। वादी ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
जमीन के हस्तांतरण और बिक्री पर विवाद
शिकायत में जमीन के अलग-अलग गाटा नंबरों से जुड़े लेनदेन पर भी सवाल उठाए गए हैं। वादी का दावा है कि राजस्व कार्रवाई के दौरान महिला को मृतक की पुत्री मानकर जमीन का हस्तांतरण किया गया, जबकि उसके वारिस होने को लेकर विवाद है।
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होंगे तथ्य
वादी के मुताबिक, जमीन की बिक्री के मामले में पुलिस स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद उसने अदालत का रुख किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
अब जांच में जमीन के स्वामित्व, वारिसान और दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल, महिला पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट और आगे की न्यायिक कार्यवाही से मामले के तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।









