अंबेडकरनगर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों का असर अगस्त में दिखाई दिया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अगस्त माह में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला विद्यालययान सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं की स्थिति और रोकथाम के उपायों की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने की।
30 फीसदी कमी, फिर भी रोकथाम पर फोकस
क्षेत्राधिकारी यातायात ने बैठक में दुर्घटनाओं में आई कमी की जानकारी दी। बताया गया कि यातायात नियमों को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियान और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का असर सामने आया है।
डीएम ने दुर्घटनाओं में कमी को सकारात्मक परिणाम बताते हुए रोकथाम के उपायों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों को समन्वय के साथ काम करने को कहा।
ब्लैक स्पॉट के तीन किमी दायरे में एंबुलेंस
दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर उनके तीन किलोमीटर के दायरे में एंबुलेंस के बेस लोकेशन बनाए गए हैं। एक्सप्रेसवे और हाईवे के आसपास भी एंबुलेंस के बेस तय किए गए हैं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस करीब पांच मिनट में मौके पर पहुंचे और घायल को जल्द नजदीकी चिकित्सा इकाई तक पहुंचाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एंबुलेंस में जरूरी दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इनकी नियमित जांच और निगरानी भी की जा रही है।









