
- यदि युद्ध नहीं रुका, तो अमेरिका छोड़ेगा शांति वार्ता: रुबियो
- ट्रम्प प्रशासन का बड़ा ऐलान: अब और इंतज़ार नहीं
- पेरिस में हुई गुप्त बैठक, अमेरिका ने पेश की ‘पीस प्लान
पेरिस। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि यदि रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाते, तो अमेरिका शांति प्रयासों से खुद को अलग कर लेगा। डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के 90 दिन पूरे होने के बाद भी यूक्रेन संघर्ष का कोई हल नहीं निकल पाया है। ट्रम्प प्रशासन ने कई बार रूस के साथ वार्ता की, लेकिन स्थायी शांति स्थापित करने में सफलता नहीं मिली।
पेरिस से लौटते हुए रुबियो ने कहा कि यदि युद्ध को रोकना संभव नहीं होगा, तो अमेरिका को अपने प्रयासों को समाप्त कर आगे बढ़ जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोई संभावना नहीं दिखती, तो ट्रम्प प्रशासन इस प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा।
अमेरिका ने पेश किया शांति योजना
गुरुवार को पेरिस में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने यूरोपीय और यूक्रेनी नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक शांति योजना प्रस्तुत की, जिसे सभी पक्षों ने सकारात्मक रूप से लिया। हालाँकि, योजना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यूक्रेन के साथ खनिज समझौता होने की उम्मीद
इसी बीच, अमेरिका और यूक्रेन के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण खनिज समझौता होने की संभावना है। यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ युद्ध में 350 अरब डॉलर के हथियार दिए हैं, और अब ट्रम्प प्रशासन ने इसके बदले यूक्रेन से कीमती खनिजों की आपूर्ति की मांग की है।
पहले भी ट्रम्प ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर खनिज समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया था। फरवरी में दोनों नेताओं के बीच तनाव के कारण यह समझौता पहले ही विलंबित हो चुका है। अब इस पर फिर से चर्चा जारी है।
इस प्रकार, अमेरिका यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बना रहा है, लेकिन यदि कोई समाधान नहीं निकलता, तो वह शांति प्रक्रिया से हट सकता है। साथ ही, दोनों देशों के बीच आर्थिक समझौते भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।








