जानकारी के अनुसार, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया है कि सच्चिदानंद पांडेय ने पारिवारिक आवश्यकता और परिजनों की बीमारी का हवाला देकर उनसे दो लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि यह रकम 10 से 12 दिन के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी धनराशि वापस नहीं की गई।
शिकायत में कहा गया है कि रकम दिए जाने के बाद दो महीने से अधिक समय बीत चुका है। कई बार धनराशि लौटाने के लिए कहने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।
बताया गया कि परमहंस आचार्य ने एक दिन पहले क्षेत्राधिकारी अयोध्या से मुलाकात कर मामले की लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत की जांच के बाद कोतवाली अयोध्या में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अब पूरे प्रकरण की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र किया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।









