क्या मिट्टी के सही परीक्षण से हो सकता है खेती का भविष्य उज्जवल

  • मिट्टी परीक्षण अभियान से कैसे बदलेगी खेती की तस्वीर?
  • कृषकों के लिए एक बड़ा कदम: वैज्ञानिक तरीके से खेती की नई दिशा
  • मिट्टी की संजीवनी: खेतों के पोषण स्तर की जांच का महत्व

अम्बेडकरनगर ।  जिले में किसानों की मिट्टी की सेहत जांचने के लिए बड़ा अभियान शुरू हो गया है। वर्ष 2025-26 में 18,000 मिट्टी के नमूनों की जांच का लक्ष्य रखा गया है, ताकि खेतों में पोषक तत्वों का संतुलन बनाया जा सके। इससे करीब 5 लाख किसानों को फायदा होगा।

क्यों जरूरी है मिट्टी जांच?

रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटी है।

बिना जांच के खाद डालने से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

मिट्टी परीक्षण से पता चलेगा कि किस खेत में कौन-सा पोषक तत्व कम या ज्यादा है।

कैसे लिया जाता है मिट्टी का नमूना?

खेत से 8-10 जगहों से आधा फुट गहराई तक मिट्टी काटी जाती है।

सभी जगह की मिट्टी मिलाकर आधा किलो नमूना लिया जाता है।

नमूने के साथ किसान का नाम, गाँव, खसरा नंबर और सिंचाई की स्थिति दर्ज की जाती है।

64 कर्मचारियों की टीम लगी हुई है

इस अभियान में 64 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें 16 कृषि सखियाँ भी हैं। ये टीम 180 गाँवों से नमूने एकत्र करेगी और किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए जागरूक भी करेगी।

रबी और खरीफ फसलों के हिसाब से जांच

जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि “रबी फसल के लिए 70% और खरीफ फसल के लिए 30% नमूनों की जांच की जाएगी। मिट्टी की जांच भी उतनी ही जरूरी है, जितनी इंसान के लिए ब्लड टेस्ट।”

Related Posts

सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की सख्ती

अम्बेडकरनगर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु…

Continue reading
होमस्टे नीति–2025 : अम्बेडकर नगर में 13 आवेदनों पर समिति की बैठक

अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट होमस्टे नीति–2025 के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई।…

Continue reading