नई दिल्ली। देश में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होने की दर को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जताई है। राज्यसभा की गृह मामलों से संबंधित विभाग-संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 30 अगस्त 2019 से 28 नवंबर 2024 तक 53.93 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। इन शिकायतों में करीब 31,594 करोड़ रुपये की ठगी की राशि रिपोर्ट की गई थी।
सिर्फ 1.30 लाख मामलों में FIR
रिपोर्ट में बताया गया कि इन शिकायतों की तुलना में एफआईआर दर्ज होने की संख्या काफी कम रही। करीब 1.30 लाख मामलों में ही FIR दर्ज की गई, जो कुल शिकायतों का लगभग 2.4 प्रतिशत है। समिति ने शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस कार्रवाई और फॉलो-अप की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
1930 और पोर्टल पर शिकायत के बाद फॉलो-अप में देरी
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज कराने के लिए 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in जैसे माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई और फॉलो-अप में देरी की समस्या सामने आती है। रिपोर्ट में साइबर अपराध के आंकड़ों और कानून-व्यवस्था से जुड़े दावों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
साइबर वित्तीय अपराध सबसे बड़ा हिस्सा
समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, NCRP पर दर्ज शिकायतों में साइबर वित्तीय अपराधों की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों का इस्तेमाल संगठित आपराधिक नेटवर्क, फर्जी नौकरी के रैकेट और विदेशों में मानव तस्करी से जुड़े मामलों में भी किया जा रहा है।
कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्यों की पुलिस पर
गृह मंत्रालय के अनुसार साइबर अपराध की शिकायतों को FIR में बदलने और उसके बाद चार्जशीट, गिरफ्तारी तथा शिकायतों के निस्तारण जैसी कार्रवाई संबंधित राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जाती है। ‘पुलिस’ और ‘लोक व्यवस्था’ राज्य सूची के विषय हैं। केंद्र सरकार I4C के माध्यम से राज्यों को तकनीकी और अन्य सहायता उपलब्ध कराती है।
समिति के अध्यक्ष हैं राधामोहन दास अग्रवाल
साइबर अपराध पर तैयार 254वीं रिपोर्ट राज्यसभा की गृह मामलों से संबंधित विभाग-संबंधी स्थायी समिति ने तैयार की है। समिति के अध्यक्ष डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल हैं। रिपोर्ट को समिति ने 18 अगस्त 2025 को अपनाया था।









