चुनाव आयोग की बैठक में 9 फैसले, SIR पर सर्वसम्मति का दावा

एजेंडा पहले साझा करने और बैठक की कार्यवाही दर्ज करने का फैसला, अंदरूनी मतभेदों की रिपोर्ट पर आयोग ने दी सफाई

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शनिवार को हुई बैठक में अपने कामकाज और चुनावी व्यवस्था से जुड़े नौ फैसले लिए। आयोग ने कहा कि भविष्य में बैठकों से पहले एजेंडा साझा किया जाएगा और बैठक के बाद फैसलों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नए आईटी मॉड्यूल और पोर्टल लागू करने से पहले उनकी समीक्षा किए जाने की व्यवस्था भी तय की गई है।

तीनों आयुक्त बैठक में रहे मौजूद

बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी मौजूद रहे। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कहा कि इन पर तीनों आयुक्तों की सहमति थी। आयोग का यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया, जिनमें चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद और फैसलों पर आपत्तियों का दावा किया गया था।

यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/mann-ki-baat-138-surgical-strike-census-environment/

14 बार आपत्ति जताने की रिपोर्ट

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में इन आपत्तियों का संबंध नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी आईटी व्यवस्था समेत कई मुद्दों से बताया गया था।

आयोग ने इसके जवाब में कहा कि उसके स्तर पर लिए गए फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं और आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बयान पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि आयोग अंदरूनी मतभेदों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस ने चल रहे SIR को रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मत बताया है।

नई आईटी व्यवस्था की समीक्षा पर जोर

शनिवार की बैठक में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल सिस्टम को लेकर भी कदम तय किए गए। आयोग ने कहा कि नए आईटी मॉड्यूल और पोर्टल को लागू करने से पहले उनकी समीक्षा और जांच की जाएगी। बैठक के एजेंडे और बाद में फैसलों का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था का उद्देश्य आयोग की निर्णय प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना बताया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button