
- पाकिस्तान के मंत्री की युद्ध की धमकी- “हमारे पास 130 मिसाइलें हैं”
- बिलावल भुट्टो का विवादित बयान- “सिंधु नदी पर भारत के खून या हमारा पानी”
- पलवाशा खान का अयोध्या में बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण का दावा
इस्लामाबाद। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने हमले के अगले ही दिन पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) समाप्त करने का ऐलान किया, जिसके बाद से पाकिस्तानी नेताओं और मंत्रियों ने भारत के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी शुरू कर दी है।
“सिंधु नदी हमारी, या तो पानी बहेगा या खून” – बिलावल भुट्टो
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने धमकी देते हुए कहा, “सिंधु नदी हमारी है, इसमें या तो हमारा पानी बहेगा या भारत का खून।” उनका यह बयान सिंधु जल समझौते को लेकर भारत के फैसले के बाद आया है।
“अयोध्या में बाबरी मस्जिद फिर बनेगी, पाकिस्तानी फौज रखेगी पहली ईंट” – पलवाशा खान
PPP की सांसद पलवाशा खान ने एक जनसभा में विवादित बयान देते हुए कहा, “अयोध्या में बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जाएगी और उसकी नींव की पहली ईंट पाकिस्तानी सैनिक रखेंगे।” यह बयान भारत में राम मंदिर निर्माण के बाद आया है, जिसे लेकर पाकिस्तान में कई बार विवाद हो चुका है।
“भारत पर परमाणु हमला करने को तैयार हैं” – पाकिस्तानी रेल मंत्री
पाकिस्तान के रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने भारत को परमाणु हमले की धमकी देते हुए कहा, “हमारे पास शाहीन, गोरी और गजनवी जैसी 130 मिसाइलें हैं, जो सिर्फ भारत को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान किसी भी हालात में भारत को जवाब देने में पीछे नहीं रहेगा।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने अभी तक इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की इन धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है।
क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता (1960) भारत और पाकिस्तान के बीच नदी जल बंटवारे से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद इसे समाप्त करने का फैसला किया, जिससे पाकिस्तान में पानी का संकट पैदा हो सकता है।
अब क्या होगा?
पाकिस्तान के इन बयानों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। भारत सरकार ने साफ किया है कि वह किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है।








