
- भारत ने पाकिस्तान के लिए 23 मई तक एयरस्पेस किया बंद
- पहलगाम आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट की मौत के बाद बढ़ा तनाव
- पीएम मोदी की अध्यक्षता में CCS मीटिंग के बाद भारत ने लिए अहम फैसले
इस्लामाबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक अहम कदम उठाते हुए ISI प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया है। यह अपॉइंटमेंट 29 अप्रैल को हुई, लेकिन इसका नोटिफिकेशन 30 अप्रैल आधी रात को जारी किया गया। इसके साथ ही असीम मलिक अब एक साथ दो बड़े पदों—ISI चीफ और NSA—की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में मोईद यूसुफ के इस्तीफे के बाद से पाकिस्तान में NSA का पद खाली था। अब इस नई नियुक्ति को भारत के साथ बढ़ते तनाव और हालिया पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: एयरस्पेस बंद, NSAB का पुनर्गठन
भारत ने भी अपनी ओर से सुरक्षा संबंधी कदम तेज कर दिए हैं। 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) का पुनर्गठन किया गया। रॉ के पूर्व प्रमुख आलोक जोशी को इसका नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बोर्ड में अब आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, पूर्व डिप्लोमैट और पूर्व IPS अफसर शामिल होंगे।
बुधवार देर रात भारत ने पाकिस्तान के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया। यह प्रतिबंध 23 मई तक लागू रहेगा। भारत की ओर से NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर स्पष्ट कर दिया गया कि पाकिस्तान की कोई फ्लाइट भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल नहीं हो सकेगी।
पाक मंत्री ने भारत पर हमले की आशंका जताई
इस बीच पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि भारत अगले 24-36 घंटों में पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह हमला पहलगाम घटना के बहाने किया जा सकता है।
तरार ने आगे कहा, “भारत यदि कोई सैन्य कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान उसका कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।”
पहलगाम आतंकी हमला: 26 टूरिस्ट की हत्या
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास बायसरन घाटी में आतंकियों ने हमला कर 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। मृतकों में यूपी, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, नेपाल और UAE के नागरिक शामिल थे। हमले में 10 से अधिक लोग घायल भी हुए थे।
हमले के बाद भारत में गुस्सा और शोक की लहर है। सरकार ने इसके जवाब में पाकिस्तान पर राजनयिक और सामरिक दबाव बढ़ा दिया है।








