- 11वीं वज्र कोर ने पंजाब में पहली ड्रोन यूनिट तैनात की
- पाकिस्तान सीमा पर 500 KM से ज्यादा क्षेत्र में रखेगी नजर
- हेरॉन, हर्मीस और स्वदेशी ड्रोन भी यूनिट में शामिल
जालंधर कैंटोनमेंट में भारतीय सेना की 11वीं वज्र कोर ने देश की पहली बाज ड्रोन बटालियन तैनात की है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में यह पहली ड्रोन यूनिट है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान से लगी 500 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा पर निगरानी क्षमता को और मजबूत करना है।
जालंधर पंजाब का प्रमुख शहर है, जबकि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है।
निगरानी के साथ सप्लाई और सुरक्षा में भी सक्षम
नई ड्रोन बटालियन लंबी दूरी तक निगरानी करने के साथ जरूरत के मुताबिक सामान और जरूरी सामग्री पहुंचाने में भी मदद करेगी। सेना के मुताबिक, यूनिट में ऐसे ड्रोन शामिल किए गए हैं, जो दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और सैन्य अभियानों में सहायता देने में सक्षम हैं।
स्वदेशी के साथ हेरॉन और हर्मीस ड्रोन शामिल
सेना की ओर से एक्स पर पोस्ट कर नई बटालियन की तैनाती की जानकारी और तस्वीरें साझा की गईं। यूनिट में भारत में बने स्वदेशी ड्रोन के साथ अमेरिकी और इजरायली तकनीक वाले हेरॉन और हर्मीस जैसे आधुनिक ड्रोन भी शामिल किए गए हैं।
तकनीकी विशेषज्ञ संभालेंगे आधुनिक ड्रोन वारफेयर
बटालियन में तकनीकी सैन्य विशेषज्ञों की टीम भी तैनात की गई है। यह टीम रियल-टाइम में बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट और आधुनिक ड्रोन वारफेयर से जुड़ी तकनीकी जरूरतों को संभालने में सक्षम होगी।
सीमा के कई अहम इलाकों पर नजर रखना आसान
रणनीतिक रूप से जालंधर को इस बटालियन के लिए महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। यहां से फिरोजपुर, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच संतुलित है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।









