
लखनऊ। देवपुर पारा योजना में गरीबों के लिए बनाए गए घटिया मकानों को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब भी ठेकेदारों से रिकवरी नहीं कर पाया है। करीब 12 साल बीत जाने के बावजूद ठेकेदारों और संबंधित कंपनियों से एक भी पैसा वसूल नहीं हो सका है। अब इस मामले पर लेखा समिति के सभापति ने एलडीए से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
2001 में बने थे मकान, 2014 में गिरा दिए गए
एलडीए के इंजीनियरों द्वारा वर्ष 2001 में देवपुर पारा योजना के तहत लगभग 1600 मकान आश्रयहीन योजना के अंतर्गत बनाए गए थे। लेकिन निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिससे मकान जर्जर हो गए। अंततः वर्ष 2014 में इन मकानों को गिरा दिया गया, जिससे एलडीए को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
शासन ने दी थी रिकवरी की मंजूरी, फिर भी नहीं हुई वसूली
शासन के आदेश पर एलडीए को यह नुकसान उन ठेकेदारों और इंजीनियरों से वसूलना था, जिन्होंने निर्माण कार्य किया था। चार निर्माण कंपनियों को नोटिस जारी कर निर्धारित धनराशि जमा करने को कहा गया था, लेकिन किसी ने अब तक जवाब नहीं दिया और न ही भुगतान किया।
अब लेखा समिति ने मांगी रिपोर्ट
लगातार नजरअंदाज किए जा रहे इस मामले को लेकर अब लेखा समिति के सभापति ने एलडीए से जवाब-तलब किया है। समिति ने प्राधिकरण से सभी दस्तावेजों और कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई तय की जा सके।








