एक्ट्रेस मौनी रॉय ने बताया कि उन्हें पहला टीवी शो किसी ऑडिशन या फिल्मी पार्टी में नहीं, बल्कि सड़क पर चलते हुए मिला था। मौनी के मुताबिक, वह अपनी यूनिवर्सिटी के बाहर पैदल जा रही थीं, तभी प्रोड्यूसर एकता कपूर की टीम के एक सदस्य की नजर उन पर पड़ी। इसके बाद उन्हें टीवी शो में काम करने का मौका मिला।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से किया था डेब्यू
मौनी रॉय ने फराह खान के व्लॉग के लिए हुई बातचीत में अपने शुरुआती करियर से जुड़ा यह किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में कृष्णा तुलसी का किरदार मिला था। इसी शो से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
मौनी ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी के बाहर एकता कपूर की टीम के किसी व्यक्ति ने उन्हें देखा और इसी तरह उन्हें टीवी शो में काम करने का अवसर मिला।
फराह खान भी कहानी सुनकर रह गईं हैरान
मौनी की बात सुनकर फराह खान ने भी हैरानी जताई। उन्होंने पूछा कि क्या वाकई उन्हें सड़क पर चलते हुए किसी ने देखकर एक्टिंग का मौका दिया था। फराह ने कहा कि आमतौर पर ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं कि किसी कलाकार को कैफे में बैठे हुए किसी ने देख लिया और उसे काम मिल गया।
इस पर मौनी ने बताया कि उनके मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था और यह बात पूरी तरह सच है।
अनाथ बच्ची बनी थीं ‘कृष्णा तुलसी’
शो में मौनी रॉय ने कृष्णा तुलसी का किरदार निभाया था। कहानी में कृष्णा तुलसी एक अनाथ बच्ची थी, जिसे तुलसी विरानी ने नदी में बहते हुए बचाया था। तुलसी का किरदार स्मृति ईरानी ने निभाया था।
कहानी के मुताबिक, तुलसी जब अपनी जान कुर्बान करने के लिए गंगा नदी में जाती है, तभी उसे नदी में तैरती हुई एक बच्ची दिखाई देती है। वह बच्ची को बचाकर अपनी बेटी की तरह अपनाती है और उसका नाम कृष्णा तुलसी रखती है।
कृष्णा तुलसी के किरदार से मिली पहचान
कृष्णा तुलसी के शो में आने के बाद तुलसी की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव दिखाए गए थे। मौनी का यह किरदार दर्शकों के बीच काफी चर्चित रहा और इसी शो के जरिए उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
बाद में इन एक्टर्स के साथ बनी जोड़ी
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मौनी रॉय की जोड़ी शुरुआत में अभिनेता पुलकित सम्राट के साथ दिखाई गई थी। इसके बाद शो में उनकी जोड़ी आकाशदीप सहगल के साथ भी दिखाई गई।









