- कोयंबटूर के INS अग्रणी से प्रदीप मुखर्जी गिरफ्तार
- सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला एजेंट के संपर्क में आने का आरोप
- विशाखापट्टनम नेवल बेस से जुड़ी जानकारी साझा करने की जांच
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने इंडियन नेवी के जवान प्रदीप मुखर्जी को कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है। उस पर पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट के संपर्क में आने और हनीट्रैप के जरिए रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला एजेंट ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदीप से संपर्क किया था और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाकर उससे जानकारी हासिल की।
सोशल मीडिया के जरिए महिला एजेंट ने बनाया संपर्क
जांच के मुताबिक, प्रदीप मुखर्जी कुछ समय पहले सोशल मीडिया के जरिए एक महिला के संपर्क में आया था। आरोप है कि महिला ने खुद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के तौर पर नहीं बताया और धीरे-धीरे प्रदीप से दोस्ती बढ़ाई।
इसके बाद महिला ने उससे विशाखापट्टनम स्थित नेवल बेस और वहां की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी हासिल की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदीप ने किस तरह की और कितनी जानकारी साझा की।
INS अग्रणी से हिरासत में लिया गया
प्रदीप मुखर्जी कोयंबटूर के रेड फील्ड्स स्थित INS अग्रणी में मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स कर रहे थे। काउंटर इंटेलिजेंस की विशेष टीम शनिवार सुबह INS अग्रणी पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी की जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी दी गई। इसके बाद प्रदीप को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने ट्रांजिट वारंट हासिल किया। बाद में उसे आगे की पूछताछ के लिए विजयवाड़ा स्थित काउंटर इंटेलिजेंस मुख्यालय ले जाया गया।
रक्षा जानकारी लीक होने की जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदीप से कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारी साझा कराई गई। एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में रणनीतिक नौसैनिक संपत्तियों, जहाजों की आवाजाही और ऑपरेशनल व्यवस्था से जुड़ी जानकारी के संभावित लीक की पड़ताल की जा रही है।
इसके अलावा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि जानकारी साझा करने के बदले प्रदीप को किसी तरह का आर्थिक लाभ मिला था या नहीं। इसके लिए हवाला और डिजिटल पेमेंट से जुड़े संभावित लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
2014 में नौसेना में हुआ था शामिल
प्रदीप मुखर्जी वर्ष 2014 में इंडियन नेवी में नाविक के तौर पर शामिल हुआ था। वह विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड के तहत तैनात था। करीब एक सप्ताह पहले ही वह मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स के लिए INS अग्रणी पहुंचा था।
काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों के आधार पर उसकी निगरानी शुरू की थी। अब पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और कथित तौर पर कितनी संवेदनशील जानकारी साझा हुई।
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फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपों की पूरी तस्वीर पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।









