नई दिल्ली। जुलाई में थोक महंगाई दर (WPI) मामूली घटकर 9.78% हो गई। इससे पहले जून में थोक महंगाई दर 9.87% थी। सरकार ने शुक्रवार, 14 अगस्त को जुलाई के थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए।
जून के मुकाबले 0.09% कमी
जुलाई की WPI महंगाई दर जून के मुकाबले 0.09 प्रतिशत कम रही। हालांकि यह गिरावट मामूली है और इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में सामान सस्ता हो गया है।
सामान सस्ता नहीं हुआ
महंगाई दर घटने का सीधा मतलब कीमतों में गिरावट नहीं है। इसका अर्थ है कि सामान की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन उनके बढ़ने की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी धीमी हुई है।
₹100 का सामान अब करीब ₹109.78
इसे आसान भाषा में समझें तो अगर पिछले साल इसी समय थोक बाजार में कोई सामान ₹100 का था, तो मौजूदा महंगाई दर के हिसाब से उसकी कीमत करीब ₹109.78 हो सकती है। यानी कीमत कम नहीं हुई, बल्कि बढ़ी है और बढ़ने की गति में मामूली कमी आई है।
महंगाई का असर जारी
जुलाई में WPI महंगाई दर में मामूली राहत के बावजूद कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसलिए महंगाई दर में कमी को सामान सस्ता होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता।









