- सड़क, पुल और बिजली समेत जरूरी ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान
- रिकवरी और पुनर्निर्माण पर GDP के करीब 11% के बराबर खर्च का अनुमान
- 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें और 18 स्कूल क्षतिग्रस्त
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इस आपदा में घरों के साथ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अब क्षतिग्रस्त ढांचे को दोबारा खड़ा करने के लिए बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की जरूरत बताई जा रही है।
₹45 हजार करोड़ की जरूरत का अनुमान
तबाही के बाद रिकवरी और पुनर्निर्माण के लिए करीब 7,233 करोड़ नेपाली रुपए की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹45 हजार करोड़ बैठती है। यह राशि नेपाल की GDP के करीब 11% के बराबर है।
सड़क-पुल और बिजली पर सबसे ज्यादा खर्च
अनुमान के मुताबिक कुल रिकवरी खर्च का करीब 65% यानी लगभग ₹29 हजार करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी आधारभूत सुविधाओं को दोबारा तैयार करने में खर्च होगा। बाढ़ से इन क्षेत्रों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण पुनर्निर्माण पर भारी रकम खर्च होने की संभावना है।
16 लाख लोग प्रभावित
बाढ़ और भूस्खलन का असर करीब 16 लाख लोगों पर पड़ा है। अब तक 1,377 लोगों की मौत और करीब 5,130 लोगों के लापता होने की खबर है। बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने से राहत और पुनर्वास की चुनौती भी बढ़ गई है।
हजारों घर और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त
बाढ़ के दौरान करीब 7,570 घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन सुविधाओं की मरम्मत और दोबारा निर्माण भी रिकवरी अभियान का अहम हिस्सा होगा।









