- चिदंबरम ने पीएम मोदी पर किया पलटवार
- ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर दी प्रतिक्रिया
- पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिया था बयान
- नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की थी
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर पलटवार किया है। चिदंबरम ने कहा, “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।”
चिदंबरम की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए गए संबोधन के एक दिन बाद सामने आई।
पीएम मोदी ने लाल किले से क्या कहा था
15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की बात कही थी। उन्होंने नागरिकों से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद और माओवादी विचारधारा को देश के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इससे सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया।
मोदी ने गिनाईं नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियां
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि माओवादी सोच वाले लोगों ने लंबे समय तक सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बनाए रखी और सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर नीतियों को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि इस चुनौती को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए और देश को इसके प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
नक्सली हिंसा का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक चले नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने बड़ी संख्या में युवाओं की जिंदगी और उनके सपनों को प्रभावित किया। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों की मौत का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस संघर्ष में 3,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान मारे गए।
चिदंबरम के बयान से बढ़ी सियासी बहस
प्रधानमंत्री के बयान के जवाब में चिदंबरम की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता ने अपने बयान के जरिए प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सली’ शब्द पर आपत्ति जताई है।









