दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के अभिनय की दुनिया में मुकाम हासिल किया।
पंकज त्रिपाठी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की बारीकियां सीखीं और फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से अपने करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे अपने सहज अभिनय और दमदार संवाद अदायगी के दम पर उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।
होटल की किचन में सुपरवाइजर थे पंकज
फिल्मों में पहचान मिलने से पहले पंकज त्रिपाठी पटना के होटल मौर्य की किचन में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। नौकरी के साथ उनका थिएटर से भी जुड़ाव बना रहा। इसी दौर में अभिनय के प्रति उनका जुनून लगातार बढ़ता गया।
पंकज ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों से जुड़ा किस्सा साझा किया था, जो उनके पसंदीदा अभिनेता मनोज बाजपेयी से जुड़ा है।
मनोज बाजपेयी के थे बड़े फैन
पंकज त्रिपाठी ने कपिल शर्मा के शो में बताया था कि वह मनोज बाजपेयी के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि मनोज बाजपेयी होटल मौर्य में ठहरे हुए हैं, तो उनकी उत्सुकता बढ़ गई।
उन्होंने होटल के स्टाफ से कह रखा था कि मनोज बाजपेयी के कमरे से जब भी कोई ऑर्डर आए, तो उन्हें जरूर बताया जाए। पंकज मनोज से मिलने और उन्हें करीब से देखने को लेकर बेहद उत्साहित थे।
मनोज की चप्पल को बना लिया था यादगार
इसी दौरान पंकज त्रिपाठी से जुड़ा एक दिलचस्प और भावुक किस्सा सामने आता है। मनोज बाजपेयी के होटल से जाने के बाद पंकज ने उनकी चप्पल अपने पास रख ली थी। उनके लिए यह चप्पल किसी सामान्य चीज से कहीं ज्यादा थी, क्योंकि वह उनके पसंदीदा अभिनेता की निशानी थी।
संघर्ष के उस दौर में मनोज बाजपेयी को अपना आदर्श मानने वाले पंकज त्रिपाठी शायद उस समय यह नहीं जानते थे कि आने वाले वर्षों में वह खुद हिंदी सिनेमा के बड़े और चर्चित कलाकारों में शुमार होंगे।
छोटे किरदारों से बड़े मुकाम तक पहुंचे
पंकज त्रिपाठी ने अपने करियर में कई फिल्मों और वेब सीरीज में यादगार किरदार निभाए। उनकी खासियत यह रही कि स्क्रीन टाइम कम होने के बावजूद उनके किरदार दर्शकों के बीच अपनी छाप छोड़ते रहे।
आज पंकज त्रिपाठी का नाम हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में लिया जाता है, जिनके अभिनय की अपनी एक अलग शैली और पहचान है।









