अंबेडकरनगर। स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर अब प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। समिति स्कूल वाहनों की फिटनेस से लेकर सुरक्षा उपकरण और चालक-परिचालक के मानकों की निगरानी करेगी। निर्धारित समय पर समिति की बैठक नहीं कराने और समिति का गठन न करने वाले विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि परिवहन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष विद्यालय प्राधिकारी होंगे। समिति में तहसीलदार, संबंधित थानाध्यक्ष, खंड शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस के प्रतिनिधि, दो अभिभावक, दो वाहन संचालक प्रतिनिधि और स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी को सदस्य बनाया जाएगा।
फिटनेस से सुरक्षा उपकरण तक होगी निगरानी
समिति स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेगी। वाहनों में जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं, चालक और परिचालक निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी। सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति भी समिति देखेगी।
बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड का नोडल अधिकारी नामित किया है। नोडल अधिकारी विद्यालयों में समितियों के गठन और उनकी बैठकों की निगरानी करेंगे।
चार महीने के अंतराल पर होगी बैठक
परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक वर्ष में चार बार जुलाई, अक्तूबर, जनवरी और अप्रैल में होगी। प्रत्येक बैठक में कम से कम पांच सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यवृत्त तैयार कर सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि बाद में कार्रवाई और अनुपालन की समीक्षा की जा सके।
एआरटीओ सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विद्यालयों से परिवहन सुरक्षा समिति के गठन और उससे संबंधित विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है।
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