
पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों से हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हिंसा रोकने के लिए कड़े निर्देश
मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारियों को लगातार गश्त बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ का आरोप
All India Trinamool Congress ने आरोप लगाया है कि राज्य के कई इलाकों में उसके पार्टी कार्यालयों पर हमला किया गया। दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में पूर्व विधायक अरूप बिस्वास के कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। वहीं बेलियाघाटा क्षेत्र में भी एक टीएमसी कार्यालय को नुकसान पहुंचाने और पार्टी कार्यकर्ता की पिटाई का मामला सामने आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
बंगाल हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कथित तौर पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। चुनाव बाद बढ़ती हिंसा ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश
टीएमसी ने दावा किया कि आम्तला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद चुनाव आयोग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हिंसा और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। आयोग ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।









