
- पाकिस्तान ने UNSC से TRF का नाम हटाने के लिए क्यों दबाव डाला?
- अमेरिका का प्रस्ताव और पाकिस्तान का विरोध- क्या था मुद्दा?
- TRF का नाम UNSC से हटाने का पाकिस्तान का बड़ा कदम
इस्लामाबाद। सुरक्षा परिषद (UNSC) के पहलगाम आतंकी हमले की निंदा बयान से द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम हटाने के लिए दबाव डाला था। पाकिस्तान इस समय UNSC का अस्थायी सदस्य है, और सुरक्षा परिषद के निंदा बयान में सभी सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है।
अमेरिका का निंदा प्रस्ताव और पाकिस्तान का विरोध
इशाक डार ने बताया कि अमेरिका ने पहलगाम हमले की निंदा करने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। जब पाकिस्तान ने प्रस्ताव की कॉपी देखी, तो उसमें केवल “पहलगाम” का उल्लेख था और TRF का नाम लिया गया था। पाकिस्तान ने इस पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि वह तब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक जम्मू और कश्मीर का उल्लेख नहीं किया जाता और TRF का नाम हटाया नहीं जाता। उन्होंने कहा कि दो दिन तक उन्होंने इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए, इस दौरान कई देशों से उन्हें फोन आए थे।
UNSC ने पाकिस्तान के दबाव में किया बदलाव
इशाक डार ने बताया कि दुनियाभर के नेताओं ने पाकिस्तान को चेताया कि निंदा प्रस्ताव में देरी होने से पाकिस्तान पर आरोप लगाए जा सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान अपने रुख पर अड़ा रहा। अंततः पाकिस्तान के दबाव में 25 अप्रैल को UNSC ने बयान जारी किया जिसमें TRF का नाम नहीं लिया गया। इस बयान में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, और भारत-नेपाल के लिए संवेदनाएं व्यक्त की गईं।








