
- रामनगर में जनसुनवाई व्यवस्था क्यों विफल हो रही है
- खण्ड विकास अधिकारी की लगातार गैरमौजूदगी से जनता में नाराजगी
- शासन के निर्देशों के बावजूद जनसुनवाई क्यों नहीं हो रही पूरी
अम्बेडकरनगर। शासन के निर्देश के बावजूद रामनगर विकास खंड में जनसुनवाई की व्यवस्था ठप पड़ी है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जगन्नाथ प्रसाद की लगातार अनुपस्थिति के कारण आमजन को अपनी समस्याएं लेकर दर-दर भटकना पड़ रहा है।
निर्देशों की धज्जियां, कार्यालय खाली
शासन के आदेशानुसार, सभी विभागाध्यक्षों को प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई करनी होती है। लेकिन आलापुर क्षेत्र के अधिकांश कार्यालयों में यह व्यवस्था नहीं दिख रही। शुक्रवार को सुबह 10:46 बजे जब बीडीओ कार्यालय पहुंचा गया, तो जगन्नाथ प्रसाद की कुर्सी खाली थी। कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारी “क्षेत्र भ्रमण पर गए हुए हैं”। हालांकि, मीडिया की मौजूदगी की सूचना मिलते ही करीब 11:20 बजे बीडीओ कार्यालय पहुंचे और तुरंत जनसुनवाई शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने फोटो खिंचवाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास भी किया।
कर्मचारी भी गायब, सीसीटीवी से पुष्टि संभव
बीडीओ की अनुपस्थिति में अन्य कर्मचारी भी कार्यालय में नहीं दिखे। विकास खंड परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से इसकी पुष्टि की जा सकती है। वहीं, डवाकरा हॉल में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बृजेश कुमार वर्मा ने कुछ लोगों की समस्याएं सुनीं।
20 दिन से जीपीडीओ खाली, विकास कार्य ठप
रामनगर विकास खंड की 10 ग्राम पंचायतों में पिछले 20 दिनों से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (जीपीडीओ) तैनात नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को विकास संबंधी समस्याओं के निवारण में दिक्कत हो रही है। ऐसे में बीडीओ की नियमित गैरहाजिरी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन की छवि धूमिल
शासन का उद्देश्य जनसुनवाई के जरिए लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन बीडीओ कार्यालय में इस प्रक्रिया की अनदेखी से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जनता की शिकायतों का निस्तारण न होने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।








