लखनऊ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद और SIR को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल हायतौबा मचा रहे हैं और चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष पर निशाना
सीएम योगी ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्षी दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन चुनाव में हार मिलने पर चुनाव आयोग और EVM को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने विपक्ष से अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों पर चिंतन करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
बोले- SIR पहली बार नहीं हुआ
मुख्यमंत्री ने SIR को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है। उनके अनुसार 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया हुई थी। चुनाव आयोग के दस्तावेजों में भी 2025-26 के लिए SIR को अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के तहत संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है।
छूटे मतदाताओं को आवेदन का मौका
योगी ने कहा कि SIR के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उनके लिए आवेदन का रास्ता खुला है। चुनाव आयोग के मौजूदा नागरिक सेवा पोर्टल पर भी SIR-2026 के तहत पिछले SIR में नाम खोजने और नोटिस मिलने पर दस्तावेज जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। नए मतदाताओं के लिए Form-6 के जरिए पंजीकरण की व्यवस्था भी दी गई है।
कांग्रेस के पुराने रुख का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश में दिए बयानों, राफेल मामले में CAG की रिपोर्ट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और EVM को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र किया। योगी ने कहा कि EVM से हुए चुनावों में कांग्रेस की सरकारें भी बनी हैं, इसलिए चुनावी हार के लिए EVM को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र
सीएम योगी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इन अभियानों के दौरान भारतीय जवानों के शौर्य पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे देशहित और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विपक्षी दलों से अपनी राजनीतिक भाषा और बयानों पर पुनर्विचार करने को कहा।
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SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
SIR को लेकर राजनीतिक विवाद फिलहाल जारी है। कांग्रेस ने हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की है, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए आयोग और प्रक्रिया का बचाव किया है।









