अम्बेडकरनगर। ग्राम पंचायतों से जुड़े ऑडिट प्रकरणों और विशेष ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने की। इसमें लंबित मामलों की स्थिति और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2023-24 तक के ऑडिट मामलों पर चर्चा हुई। कुल 740 ग्राम पंचायतों के 1844 ऑडिट प्रस्तरों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
165 प्रस्तरों के निस्तारण पर आगे की प्रक्रिया
समीक्षा के दौरान 165 प्रस्तरों को संतोषजनक पाया गया। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों को वरिष्ठ कोषाधिकारी से सत्यापन कराकर निक्षेपित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही 388 प्रस्तरों पर जारी आरसी (वसूली आदेश) का भी सत्यापन कराकर निस्तारण प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। शेष मामलों में भी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संयुक्त टीम से होगा सत्यापन
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष ऑडिट प्रस्तरों का निस्तारण ऑडिट विभाग के ऑडिटर, जेई एमआई और जेई आरईएस की संयुक्त टीम से सत्यापन कराकर किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी हों।
वसूली में तेजी और जवाबदेही तय करने के निर्देश
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन मामलों में वसूली आदेश जारी हो चुके हैं, उनमें तेजी से वसूली सुनिश्चित की जाए। अनुपालन आख्या समय पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में जिम्मेदारी तय हो चुकी है, उनमें नियमों के अनुसार कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो।
रिकॉर्ड व्यवस्था और पारदर्शिता पर फोकस
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को ऑडिट से जुड़े अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का निस्तारण तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।









