अंबेडकरनगर। जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। जनपद के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से केवल जहांगीरगंज और कटेहरी सीएचसी के पास ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध है। शेष आठ सीएचसी बिना एनओसी के संचालित हो रहे हैं।
इन केंद्रों में अकबरपुर, बेवाना, टांडा, बसखारी, भियांव, जलालपुर, भीटी और रामनगर सीएचसी शामिल हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों की ओपीडी और भर्ती सेवाएं संचालित होती हैं।
मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार इन अस्पतालों में केवल अस्थायी और कामचलाऊ फायर फाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते। इससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अस्पताल भवनों में आग लगने की स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने से गंभीर जोखिम की स्थिति बन सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की प्रक्रिया शुरू
शासन के निर्देश पर अब सभी आठ सीएचसी में मानक के अनुरूप अग्निशमन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हाल ही में अग्निशमन विभाग की टीम ने सभी केंद्रों का निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की थी और मॉक ड्रिल भी कराई गई थी।
इसके बाद अब विभागीय स्तर पर संयुक्त सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंजीनियरिंग रिपोर्ट के बाद बनेगा बजट प्रस्ताव
अवर अभियंता और अग्निशमन विभाग के इंजीनियर मिलकर सभी सीएचसी का संयुक्त आकलन करेंगे। इसमें आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की सूची तैयार की जाएगी और उसके आधार पर बजट अनुमान बनाया जाएगा।
इसके बाद शासन को बजट प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि सभी अस्पतालों में मानक फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित किया जा सके।









