अंबेडकरनगर में लक्ष्य से ज्यादा पहुंचा स्टॉक, फिर भी जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री

जिला कृषि विभाग ने जारी किए आंकड़े, वितरण के बाद भी गोदामों में हजारों मीट्रिक टन यूरिया और डीएपी उपलब्ध; शिकायत के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय

  • जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक
  • लक्ष्य से अधिक पहुंची उर्वरकों की उपलब्धता
  • बिना फार्मर रजिस्ट्री नहीं मिलेगा उर्वरक

अंबेडकरनगर। खरीफ सीजन के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कृषि विभाग ने जिले की मौजूदा स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार अंबेडकरनगर में यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जुलाई तक अधिकांश प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही है। किसानों को उर्वरक वितरण लगातार किया जा रहा है, जबकि शेष स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होगी।

जुलाई तक लक्ष्य से अधिक पहुंचा उर्वरकों का स्टॉक

जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि जुलाई तक 25,115 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 34,771 मीट्रिक टन यूरिया जिले में उपलब्ध कराया गया। इसी तरह 4,914 मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 7,140 मीट्रिक टन डीएपी, 1,146 मीट्रिक टन के मुकाबले 3,632 मीट्रिक टन एनपीके और 10,325 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 18,904 मीट्रिक टन एसएसपी की उपलब्धता दर्ज की गई। वहीं एमओपी की 484 मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 153 मीट्रिक टन उपलब्ध हुई।

वितरण के बाद भी गोदामों में पर्याप्त खाद

विभाग के अनुसार किसानों को लगातार खाद वितरित किए जाने के बाद भी सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में जिले में 21,896 मीट्रिक टन यूरिया, 3,724 मीट्रिक टन डीएपी, 2,903 मीट्रिक टन एनपीके, 13,130 मीट्रिक टन एसएसपी और 110 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। कृषि विभाग का कहना है कि जिले में यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button