- डिजिटल माध्यम से होगी सभा
- 403 विधानसभा क्षेत्रों का किया दौरा
- गौमाता को माता का दर्जा देने की मांग
लखनऊ। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 81 दिन की ‘गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा’ पूरी करने के बाद लखनऊ पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, गौ रक्षा आंदोलन और प्रशासन के रवैये को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए महीनों पहले आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद समय पर अनुमति नहीं मिली।
डिजिटल माध्यम से होगा कार्यक्रम
शंकराचार्य ने बताया कि 24 जुलाई को प्रस्तावित ‘गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प’ सभा अब डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगली बार लखनऊ आने के लिए किसी प्रशासनिक अनुमति का इंतजार नहीं करेंगे।
81 दिन में 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा
उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई ‘गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा’ 81 दिनों में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर पूरी हुई। यात्रा के दौरान लाखों लोगों से संवाद किया गया और गौमाता को ‘पशु’ नहीं बल्कि ‘माता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाया गया।
गौ संरक्षण को लेकर अभियान
शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य गौ संरक्षण और गौमाता के सम्मान को लेकर जनजागरण करना था। इसी अभियान के समापन के अवसर पर लखनऊ में सभा आयोजित की जानी थी।









