- नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹3,650 करोड़ पहुंचा
- रेवेन्यू और EBITDA में 19% की बढ़ोतरी
- 2030 तक पोर्ट क्षमता 1,000 MMT करने का लक्ष्य
मुंबई। अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दम पर कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,311 करोड़ रुपए था।
रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में उछाल
कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय में 19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहली तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 9,126 करोड़ रुपए था। इसी अवधि में कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) भी 19% बढ़कर 6,541 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष 5,495 करोड़ रुपए था। EBITDA मार्जिन भी 60.2% से बढ़कर 60.4% हो गया।
घरेलू पोर्ट्स कारोबार बना सबसे बड़ा सहारा
कंपनी ने बताया कि घरेलू पोर्ट्स कारोबार उसकी आय का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा। बेहतर कार्गो मिक्स, अधिक रियलाइजेशन और वॉल्यूम ग्रोथ की वजह से डोमेस्टिक पोर्ट्स बिजनेस के रेवेन्यू में 12% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान घरेलू पोर्ट्स ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडल किया। इस वर्टिकल का EBITDA मार्जिन 74% रहा, जिसे उद्योग में बेहतरीन माना जाता है।
2030 तक क्षमता बढ़ाने की तैयारी
अडाणी पोर्ट्स फिलहाल अपने इतिहास के सबसे बड़े पोर्ट क्षमता विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है। 30 जून 2026 तक कंपनी की घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी, जिसे दिसंबर 2030 तक बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य रखा गया है।









