नई दिल्ली। देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति एक बार फिर सामान्य हो गई है। केंद्र सरकार ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान लागू किए गए ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ को वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम से गैस पर निर्भर उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को जारी अधिसूचना में बताया कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम (सीजफायर) लागू होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से LNG जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद आपातकालीन आदेश की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद 28 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते गैस और तेल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। इसके चलते कई विदेशी आपूर्तिकर्ताओं ने भारत आने वाले LNG कार्गो रोक दिए थे या उन्हें अन्य देशों की ओर मोड़ दिया था।
इस आपूर्ति संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ लागू किया था, ताकि देश में गैस की उपलब्धता और वितरण को नियंत्रित किया जा सके।
अब सप्लाई सामान्य होने के बाद सरकार ने इस आपातकालीन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिससे उद्योगों को नियमित रूप से LNG की आपूर्ति मिल सकेगी और उत्पादन गतिविधियों पर पड़ा दबाव कम होगा।









