- गैंगस्टर केस में डिस्चार्ज अर्जी दाखिल करने का मिला समय, बलवा और एससी-एसटी एक्ट मामले में दर्ज हुए बयान
अंबेडकरनगर। पूर्व विधायक पवन पांडेय को सोमवार को फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार से अंबेडकरनगर लाकर विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया। गैंगस्टर एक्ट, बलवा और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अलग-अलग बिंदुओं पर आदेश पारित किए। दो मामलों में पूर्व विधायक के बयान दर्ज किए गए, जबकि गैंगस्टर मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रही।
अकबरपुर कोतवाली में वर्ष 2024 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोप तय होने थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने डिस्चार्ज अर्जी दाखिल करने के लिए समय मांगा। विशेष न्यायाधीश परविंद कुमार ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष को अर्जी दाखिल करने का अवसर प्रदान किया। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त तय की गई।
कोर्ट ने वर्ष 1999 के बलवा मामले में पूर्व विधायक के बयान दर्ज किए। वहीं वर्ष 2023 में दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में अभियोजन पक्ष कोई गवाह पेश नहीं कर सका। गवाहों के अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने अभियोजन का अवसर समाप्त करते हुए आरोपी के बयान दर्ज किए और अगली प्रक्रिया के लिए मामला नियत कर दिया।
जेल बदलने की मांग कोर्ट ने मानी
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में निरुद्ध होने के कारण पूर्व विधायक को कई बार समय पर अदालत में पेश नहीं किया जा सका। इससे मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी और न्यायिक प्रक्रिया में विलंब हो रहा था। इसी आधार पर उन्हें जिला कारागार अंबेडकरनगर में स्थानांतरित किए जाने का अनुरोध किया गया।








