वॉशिंगटन। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इप्सॉस-एएपीआई सर्वे के मुताबिक, मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के हारने की संभावना 65% तक है।
ट्रम्प के लिए बड़ा राजनीतिक इम्तिहान
मिडटर्म चुनाव ट्रम्प के चार साल के कार्यकाल के बीच होने वाला बड़ा राजनीतिक इम्तिहान है। इसमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के साथ राज्यों और स्थानीय सरकारों के कई अहम पदों के लिए भी मतदान होगा।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के करीब 80% उम्मीदवार पहले ही तय हो चुके हैं। ऐसे में नवंबर का चुनाव ट्रम्प प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हार के बाद भी राष्ट्रपति बने रहेंगे ट्रम्प
अगर मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हार मिलती है तो ट्रम्प राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे। हालांकि, कांग्रेस में बहुमत खोने पर उनके फैसलों पर राजनीतिक और विधायी रोक-टोक बढ़ सकती है।
टैरिफ और वीजा नीतियों पर बढ़ सकता है विरोध
कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का प्रभाव बढ़ने की स्थिति में ट्रम्प को टैरिफ, वीजा और दूसरे बड़े नीतिगत फैसलों को लागू करने में विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में कार्यकाल के बाकी दो वर्षों में ट्रम्प प्रशासन को कांग्रेस के साथ ज्यादा तालमेल बनाकर काम करना पड़ सकता है।









