लखनऊ। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर परिवहन विभाग ने प्रदेशभर के सीबीएसई स्कूलों के प्रबंधन से सीधा संवाद किया। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की पहल पर करीब 4,500 स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें सीबीएसई के निदेशक प्रशिक्षण मनोज श्रीवास्तव, निदेशक एफिलिएशन जेपी चतुर्वेदी और प्रदेश के सभी जोनल हेड शामिल हुए।
स्कूलों की भी जिम्मेदारी
अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। स्कूल प्रबंधन को भी इसके लिए गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने स्कूल बसों और अन्य वाहनों की फिटनेस शत-प्रतिशत दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
ड्राइवरों का होगा सत्यापन
स्कूल वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराने के साथ चालकों के चरित्र और स्वास्थ्य का सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छोटे बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए, ताकि सफर के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर नजर रखी जा सके।
नियमों का पालन जरूरी
केडी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्यालय यान नियमावली-2019 के तहत प्रत्येक स्कूल में विद्यालय परिवहन यान समिति बनाए जाने का प्रावधान है। समिति की जिम्मेदारी स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, चालकों के चरित्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण और अटेंडेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।









