अंबेडकरनगर। परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं में अब लापरवाही भारी पड़ेगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने जिले के विद्यालयों की ब्लॉकवार समीक्षा की तो बिजली, सफाई, जलभराव और जर्जर भवनों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से दूर कराने के निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवनों को चिन्हित कर वहां प्रवेश रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
बिजली गुल मिली तो तत्काल होगी कार्रवाई
समीक्षा में विद्यालयों की विद्युत व्यवस्था को लेकर डीएम ने अधीक्षण अभियंता विद्युत और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में किसी कारण से बिजली आपूर्ति बाधित है, वहां तत्काल कार्रवाई कर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी। विद्यालयों में बिजली की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए संबंधित अधिकारी समस्या का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेंगे।
बारिश के बाद जलभराव पर नजर
विद्यालय परिसर में जलभराव को लेकर भी प्रशासन ने जिम्मेदारी तय की है। डीएम ने कहा कि किसी भी विद्यालय परिसर में जलभराव नहीं होना चाहिए। जहां ऐसी स्थिति सामने आए, वहां संबंधित खंड विकास अधिकारी तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराएं। साथ ही विद्यालयों में नियमित सफाई और कायाकल्प योजना के निर्धारित मानकों को पूरा रखने के निर्देश दिए गए।
जर्जर भवनों पर लिखना होगा ‘प्रवेश निषेध’
विद्यालय परिसरों में मौजूद जर्जर भवनों को लेकर डीएम ने विशेष निर्देश जारी किए। ऐसे भवनों पर साफ शब्दों में “प्रवेश निषेध, भवन जर्जर है” लिखवाया जाएगा। उद्देश्य स्पष्ट है कि बच्चे और शिक्षक अनजाने में भी जोखिम वाले भवन में प्रवेश न करें। डीएम ने अधिकारियों को सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा।









