- जीर्णोद्धार के शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक ने लगाया भेदभाव का आरोप
- विधायक बोलीं- पूजा में शामिल नहीं किया, खड़ा रखा गया
- एक करोड़ के बजट के लिए प्रयास करने का किया दावा
लखनऊ। काकोरी स्थित शीतला मंदिर में बुधवार को जीर्णोद्धार के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया। विधायक के मुताबिक, पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया और पूजा में शामिल करने के बजाय खड़ा रखा गया।
विधायक के बेटे विकास किशोर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं।
विधायक बोलीं- जीर्णोद्धार के लिए बजट दिलाया
जयदेवी कौशल ने दावा किया कि शीतलादेवी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पर्यटन विभाग से करीब एक करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराने के लिए उन्होंने प्रयास किया था।
उनका कहना है कि जब मंदिर के जीर्णोद्धार के शिलान्यास और भूमि-पूजन का कार्यक्रम हुआ तो उन्हें पूजा में शामिल नहीं किया गया।
‘मुझसे धूपबत्ती तक नहीं सुलगवाई’
विधायक ने आरोप लगाया कि वह दो बार की विधायक हैं और मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए। इसके बावजूद पूजा के दौरान उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि वहां सभी समाज के लोग मौजूद थे, लेकिन उनसे पूजा नहीं कराई गई। विधायक के मुताबिक, उन्हें एक धूपबत्ती तक जलाने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप
जयदेवी कौशल ने अपने साथ हुए व्यवहार को जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए कहा कि वह पासी समाज से आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया।
विधायक ने कहा कि वह इस मामले को आगे उठाएंगी और अपने कथित अपमान पर आवाज उठाएंगी।









