अम्बेडकरनगर। बेवाना थाना क्षेत्र के मुसईतपुर बेवाना में मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। निर्माण के दौरान दीवारें खड़ी होने के बाद सटरिंग का काम शुरू हुआ तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। पुलिस ने जमीन पर स्टे होने की बात कही। वहीं, पीड़ित का दावा है कि निर्माण रोकने के समय उसके पास किसी न्यायालयीन रोक आदेश की जानकारी नहीं थी।
मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि निर्माण के शुरुआती चरण में पुलिस ने कोई आपत्ति नहीं की। दीवारें तैयार होने के बाद सटरिंग शुरू की गई तो अचानक काम बंद करा दिया गया।
दीवार बनी, तब नहीं रोका काम; सटरिंग पर लगा ब्रेक
पीड़ित के मुताबिक, मकान की दीवारें खड़ी करने का काम पूरा हो चुका था। इसके बाद छत के लिए सटरिंग लगाई जा रही थी। इसी दौरान पुलिस पहुंची और निर्माण कार्य रुकवा दिया।
पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने जमीन पर स्टे होने का हवाला दिया, जबकि उसके अनुसार निर्माण कार्य रोकने के दौरान किसी स्टे आदेश की प्रति या स्पष्ट जानकारी उसके सामने नहीं रखी गई।
हालांकि, जमीन पर न्यायालयीन रोक थी या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायालयीन दस्तावेजों से ही हो सकता है।
लाखों के नुकसान का दावा
निर्माण रुकने से पीड़ित ने लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उसका आरोप है कि सटरिंग और निर्माण से जुड़े काम को बीच में रोकने के कारण उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।









