नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता तोड़ो’ बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की सामाजिक सुधार की राजनीति को चुनिंदा बताया। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाती है और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं की स्थिति पर चुप क्यों रहती है।
हर समुदाय की महिलाओं के साथ खड़े होने की अपील
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए खड़ी है, तो उसे हर समुदाय की महिलाओं के मुद्दों पर समान रूप से आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपने सामाजिक सुधार के दृष्टिकोण में समानता बरतने का सवाल किया।
राहुल ने मनुस्मृति और महिला स्वतंत्रता पर की थी बात
22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा था कि महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं, बल्कि उसकी अपनी पहचान से होनी चाहिए।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा के तीन रूप बताए
राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के तीन प्रमुख रूप हैं—पैदा होते ही हत्या, शारीरिक अत्याचार और आर्थिक बंदिशें। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, संपत्ति और अपने फैसले खुद लेने की पूरी आजादी दिए जाने की बात कही।
छात्राओं से बोले- अपनी आवाज बुलंद करें
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्राओं से डरने के बजाय अपनी बात मजबूती से रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने पांच छात्राओं से बातचीत भी की।









