अंबेडकरनगर। विभिन्न मांगों को लेकर सवर्ण समाज के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के पास स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सवर्ण समाज की लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
सवर्ण आयोग के गठन की उठाई मांग
धरने के दौरान सवर्ण आयोग का तत्काल गठन करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने देश में लागू आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के कथित दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने और एससी-एसटी आयोग को भंग करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कानून को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की। उनका कहना था कि इन मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहा है।
मांगों पर कार्रवाई की मांग
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार को सवर्ण समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।









