नई दिल्ली। OBC क्रीमी लेयर के नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने CSE-2025 के 958 चयनित उम्मीदवारों की सर्विस अलोकेशन प्रक्रिया पुराने OBC क्रीमी लेयर मानदंडों के आधार पर करने की अनुमति मांगी है। सरकार का कहना है कि इन उम्मीदवारों ने परीक्षा की प्रक्रिया नए फैसले से पहले शुरू की थी, इसलिए उन पर बदले हुए नियमों को पिछली तारीख से लागू करना उचित नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले नियमों पर विवाद
सुप्रीम कोर्ट ने ‘यूनियन ऑफ इंडिया बनाम रोहित नाथन’ मामले में 11 मार्च को OBC क्रीमी लेयर की पहचान को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि 14 अक्टूबर 2004 का स्पष्टीकरण पत्र 8 सितंबर 1993 के ऑफिस मेमोरेंडम (OM) में किए गए प्रावधानों को नहीं बदल सकता।
केंद्र सरकार की दलील है कि केवल माता-पिता की सैलरी या आय के आधार पर किसी उम्मीदवार को OBC क्रीमी लेयर में शामिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए माता-पिता के पद की स्थिति के साथ आय और संपत्ति समेत अन्य संबंधित पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।









