चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने राज्य के 52 प्रमुख मंदिरों में स्मार्टफोन ले जाने और इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। नया नियम मंगलवार से लागू हो गया। इसके तहत श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपना कैमरे वाला मोबाइल फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा। फोन जमा करने के लिए प्रति मोबाइल ₹5 शुल्क देना होगा।
बिना कैमरे वाले मोबाइल फोन को मंदिर परिसर के अंदर ले जाने की अनुमति होगी। मंदिरों में फोटो खींचने, वीडियो बनाने और रील रिकॉर्ड करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
VIP और सेलिब्रिटीज की फोटो लेने पर भी रोक
नए नियम के तहत मंदिर परिसर में वीआईपी, बड़ी हस्तियों और मशहूर लोगों की फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति भी नहीं होगी। हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स (HR&CE) मंत्री रमेश ने नियमों की जानकारी दी।
सरकार का कहना है कि मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं के फोटो, वीडियो और रील बनाने की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर लिया फैसला
स्मार्टफोन पर रोक का फैसला 2 दिसंबर 2022 को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच की ओर से दिए गए आदेश के आधार पर लागू किया गया है। इसका उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता, अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन मोबाइल फोन में कैमरा नहीं है, उन्हें मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति रहेगी।
देवराजस्वामी मंदिर में सुबह से शुरू हुई व्यवस्था
कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथि वरदार मंदिर में मंगलवार सुबह 6 बजे से मोबाइल जमा करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई। श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए यहां अलग काउंटर बनाया गया है।
मंदिर में मोबाइल जमा कराने और व्यवस्था संभालने के लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और दो अन्य कर्मचारी तैनात किए गए हैं।









