- अंबेडकरनगर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चला विशेष अभियान
- बच्चों को बताए गए नशे के शारीरिक और सामाजिक नुकसान
अंबेडकरनगर। नशामुक्ति अभियान के तहत मंगलवार को जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कक्षाओं से लेकर विद्यालय परिसर तक विद्यार्थियों को नशे के नुकसान बताए गए। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ ली।
नशे की शुरुआत से पहले सावधान करने पर जोर
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की आदत स्वास्थ्य के साथ पढ़ाई और पारिवारिक जीवन पर भी असर डाल सकती है। बच्चों को नशीली सामग्री के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने खुद ली जिम्मेदारी
शपथ के दौरान विद्यार्थियों ने किसी भी तरह के नशे का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की बात कही।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पढ़ाई पर ध्यान देने और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए कहा।
नशामुक्त समाज के लिए बच्चों की भागीदारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों के माध्यम से भावी पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का संदेश दिया जा रहा है।









