- हंसवर में आयोजित विचार गोष्ठी में शिक्षा के बदलते स्वरूप, नई शिक्षा नीति और डिजिटल माध्यमों पर हुई चर्चा
अम्बेडकरनगर। हंसवर के चौक क्षेत्र में बुधवार को ‘वर्तमान में डिस्टेंस एजुकेशन की आवश्यकता’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता इरफान अहमद ने की, जबकि संचालन रियाज़ अहमद ने किया। गोष्ठी में शिक्षकों और शिक्षाविदों ने बदलते शैक्षिक परिदृश्य में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि डिस्टेंस एजुकेशन ने शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाया है। यह उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है, जो आर्थिक, भौगोलिक या सामाजिक कारणों से नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुए हैं।
डिजिटल माध्यमों से शिक्षा के विस्तार पर जोर
बिंदेश्वरी पीजी कॉलेज, अकबरपुर के उर्दू विभागाध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षण संस्थानों को डिजिटल संसाधनों और आधुनिक शिक्षण माध्यमों का अधिक उपयोग करना चाहिए। इससे शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और अधिक विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सकेगी।
नई शिक्षा नीति के संदर्भ में हुई चर्चा
रामसमुझ पीजी कॉलेज, अकबरपुर के उर्दू विभागाध्यक्ष रियाज़ अहमद ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और डिजिटल तकनीक के विस्तार के बाद डिस्टेंस एजुकेशन की उपयोगिता और बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश के विकास की आधारशिला है और दूरस्थ शिक्षा इस व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गोष्ठी में उर्दू भाषा एवं साहित्य, शिक्षण अनुभव, शैक्षणिक गतिविधियों और अकादमिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।









