चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के साथ रहने और वैवाहिक संबंधों को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह पति के पीछे वोडाफोन के विज्ञापन वाले पग डॉग की तरह चलती रहे। नौकरी या किसी अन्य वजह से पति जहां जाए, पत्नी का हर बार उसके साथ जाना जरूरी नहीं है।
कोर्ट के सामने करीब 16 साल से अलग रह रहे एक दंपती का मामला था। दोनों की शादी सितंबर 1992 में हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। पति की उम्र फिलहाल 67 साल है।
16 साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि दंपती के बीच लंबे समय से काफी कड़वाहट बनी हुई है। कोर्ट के मुताबिक, दोनों के दोबारा साथ रहने की कोई व्यावहारिक संभावना नजर नहीं आ रही थी।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के पहले के आदेश को पलटते हुए तलाक की मंजूरी दे दी।
पति को ₹7 लाख गुजारा भत्ता देने का आदेश
तलाक मंजूर करने के साथ हाईकोर्ट ने पति को पत्नी के लिए ₹7 लाख गुजारा भत्ता देने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और दोनों के लंबे समय से अलग रहने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया।









