अंबेडकरनगर। सद्दरपुर स्थित महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में बुधवार को पोस्टमार्टम, मेडिको-लीगल मामलों और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने को लेकर प्रशिक्षण सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सेमिनार में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पुलिसकर्मियों और विवेचकों को मेडिकल एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। घटनास्थल पर साक्ष्य के संरक्षण से लेकर उन्हें फोरेंसिक साइंस लैब भेजने तक की प्रक्रिया समझाई गई।
पोस्टमार्टम और पंचायतनामा की बारीकियां बताईं
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के साथ पंचायतनामा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी। विसरा, ब्लड, यूरिन और डीएनए नमूनों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाए, ताकि उनकी जांच में किसी तरह की समस्या न हो।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की वैज्ञानिक प्रक्रिया
पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और उनके संरक्षण की जानकारी दी गई। इसके बाद साक्ष्यों को फोरेंसिक साइंस लैब भेजने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
7 S’s of Crime Scene Investigation के तहत घटनास्थल को सुरक्षित करने, उसका निरीक्षण करने, स्केच तैयार करने और साक्ष्य संकलित करने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
लैंगिक अपराधों में मेडिकल परीक्षण पर भी प्रशिक्षण
सेमिनार में महिला चिकित्सक ने लैंगिक अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़िता के मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया बताई। नमूनों के संकलन और उन्हें सुरक्षित रखने से संबंधित जरूरी बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।









