खाद का स्टॉक मजबूत, यूरिया-डीएपी की उपलब्धता लक्ष्य से काफी आगे

सितंबर तक यूरिया 51,098 मीट्रिक टन पहुंचा, डीएपी की उपलब्धता 10,144 मीट्रिक टन; वितरण के बाद भी गोदामों में पर्याप्त भंडार

अंबेडकरनगर। जिले में उर्वरक उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए स्थिति स्पष्ट की है। सितंबर तक यूरिया और प्रमुख फास्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता दर्ज लक्ष्य के मुकाबले अधिक रही है। वितरण के बाद भी सहकारिता और निजी क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी नहीं हुई है, वे तहसील जाकर खतौनी में अंश निर्धारण कराने के बाद रजिस्ट्री करा सकते हैं।

यूरिया में लक्ष्य से 1,801 मीट्रिक टन अधिक उपलब्धता
सितंबर तक यूरिया का क्रमिक लक्ष्य 49,297 मीट्रिक टन तय किया गया था। इसके सापेक्ष 51,098 मीट्रिक टन की उपलब्धता हुई है।

डीएपी का लक्ष्य 6,028 मीट्रिक टन था। इसके मुकाबले 10,144 मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ। एनपीके का लक्ष्य 1,385 मीट्रिक टन था, जबकि उपलब्धता 4,496 मीट्रिक टन रही।

एसएसपी का लक्ष्य 14,298 मीट्रिक टन था। इसके सापेक्ष 25,953 मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई। एमओपी का लक्ष्य 616 मीट्रिक टन था, जबकि उपलब्धता 218 मीट्रिक टन रही।

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