भारत-पाक धार्मिक यात्राओं के नियम बदले, प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर रोक

  • ऑपरेशन सिंदूर के बाद जासूसी नेटवर्क की जांच में सामने आए नए तथ्य
  • ज्योति मल्होत्रा केस के बाद पाकिस्तान से संचालित प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर बंद
  • धार्मिक यात्राओं के लिए वीजा और सुरक्षा जांच के नियम किए गए सख्त

हिसार। भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं को लेकर केंद्र और हरियाणा सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले के बाद लिया गया है। जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और वहां के निजी टूर ऑपरेटरों पर धार्मिक यात्राओं की आड़ में भारतीय नागरिकों को स्पॉन्सर करने के आरोप सामने आए हैं।

प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर लगी रोक

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और वहां के कुछ निजी टूर ऑपरेटर धार्मिक यात्रा के नाम पर भारतीय नागरिकों को स्पॉन्सर करते थे। आशंका जताई गई कि इन यात्राओं के जरिए भारतीय नागरिकों से जासूसी कराई जा सकती है।

इसी को देखते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान से संचालित सभी तरह के प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही धार्मिक यात्रा के लिए वीजा से जुड़ी शर्तों में भी बदलाव किया गया है।

हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी ने की पुष्टि

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह ने भी प्राइवेट स्पॉन्सर टूर बंद किए जाने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, ज्योति मल्होत्रा जैसे जासूसी मामलों के सामने आने के बाद यह व्यवस्था बदली गई है।

पहले पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालु वहां की एजेंसी या टूर ऑपरेटर से संपर्क करके टूर कार्यक्रम तय कर लेते थे। इसके बाद भारत से पाकिस्तान जाकर धार्मिक स्थलों की यात्रा करते थे। अब इस तरह के निजी स्पॉन्सर्ड टूर पर रोक लगा दी गई है।

1974 के प्रोटोकॉल के तहत होती है यात्रा

भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राएं मुख्य रूप से दो तरीकों से होती हैं। इनमें व्यक्तिगत यात्रा और जत्थों के माध्यम से यात्रा शामिल है। अधिकांश श्रद्धालु भारत-पाकिस्तान रिलीजियस श्राइन्स प्रोटोकॉल 1974 के तहत समूह में पाकिस्तान जाते हैं।

इन यात्राओं के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय की ओर से वीजा तथा सुरक्षा मंजूरी दी जाती है।

करतारपुर कॉरिडोर की अलग व्यवस्था

2019 में शुरू किए गए करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए भारतीय नागरिक और OCI कार्डधारक बिना वीजा के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब की यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए पासपोर्ट के आधार पर यात्रा की सुविधा है और श्रद्धालु सुबह जाकर शाम तक वापस लौट सकते हैं।

कटासराज मंदिर के लिए भी यात्रा

पाकिस्तान स्थित कटासराज मंदिर की यात्रा के लिए भी भारतीय श्रद्धालु विशेष ग्रुप या व्यक्तिगत वीजा के जरिए वहां जाते हैं। खासतौर पर शिवरात्रि के अवसर पर धार्मिक यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं।

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