- पिता की मौत के बाद आर्थिक संकट में था परिवार
- कक्षा पांच के छात्र ध्रुव की पढ़ाई हुई थी प्रभावित
- विवेक मौर्य ने शिक्षा का आजीवन खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली
अंबेडकरनगर। पिता की मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे 10 वर्षीय ध्रुव राजभर की पढ़ाई फिर शुरू होगी। मरुई ताजपुर निवासी बद्रीनाथ राजभर की पैरालिसिस अटैक से मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। कक्षा पांच में पढ़ने वाले ध्रुव की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष और नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य ने ध्रुव की शिक्षा का आजीवन खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है।
पिता की कमाई से चलता था परिवार
बद्रीनाथ राजभर मुंबई में काम करते थे। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। उनके निधन के बाद पत्नी और बेटे ध्रुव के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। इसी वजह से ध्रुव की पढ़ाई भी रुक गई थी।
जानकारी मिलने पर विवेक मौर्य ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने ध्रुव से उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ स्कूल ड्रेस और पढ़ाई का सामान उपलब्ध कराने में भी मदद की।
नजदीकी स्कूल में दाखिले का इंतजाम
ध्रुव की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए नजदीकी स्कूल में दाखिले की व्यवस्था भी की गई है। मौर्य ने परिवार को उसकी शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया।









