अंबेडकरनगर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व विधायक राजबली यादव की पुण्यतिथि पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।
किशोरावस्था में आंदोलन से जुड़े थे राजबली यादव
ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, राजबली यादव का जन्म 7 नवंबर 1906 को तत्कालीन फैजाबाद जिले के अरई गांव में हुआ था। किशोरावस्था में ही वह स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे।
वर्ष 1930 से 1942 के बीच उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।
भारत छोड़ो आंदोलन में भी निभाई भूमिका
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान राजेसुल्तानपुर थाने पर अंग्रेजी शासन के यूनियन जैक को हटाकर तिरंगा फहराने की घटना से भी राजबली यादव का नाम जुड़ा है। उनके नेतृत्व में क्षेत्र के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया था।
आजादी के बाद भी जनसरोकारों से जुड़े रहे
स्वतंत्रता के बाद राजबली यादव ने गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए काम किया। उन्होंने लोक रंगमंच और जनगीतों के माध्यम से भी जनजागरण किया।









