नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में इस सप्ताह एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव 7,988 रुपये बढ़कर 2.37 लाख रुपये पर पहुंच गया। पिछले सप्ताह 11 सितंबर को चांदी 2.29 लाख रुपये प्रति किलो थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1.52 लाख रुपये से बढ़कर करीब 1.54 लाख रुपये हो गई। इस सप्ताह सोने के भाव में 1,789 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिसंबर तक सोना 1.70 लाख और चांदी 3 लाख तक?
कोटक सिक्योरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहने की स्थिति में सोने की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रह सकती है। वहीं परिस्थितियों में सुधार आने पर चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिल सकती है।
बनर्जी के अनुमान के मुताबिक मौजूदा रुझान जारी रहने पर दिसंबर तक सोने की कीमत 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह बाजार का पूर्वानुमान है और वास्तविक कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, मांग और अन्य आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती हैं।
इस साल सोना 21 हजार रुपये महंगा
2026 में अब तक सोने की कीमत में करीब 21 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये था, जो अब 1.54 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया है।
इसी तरह चांदी भी साल की शुरुआत के मुकाबले महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी करीब 2.30 लाख रुपये थी, जो अब 2.37 लाख रुपये के स्तर पर है।
जनवरी में बना था रिकॉर्ड भाव
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 29 जनवरी को सोने का भाव 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद दोनों की कीमतों में गिरावट भी आई, लेकिन हाल के दिनों में फिर तेजी देखने को मिल रही है।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलता है सोने का भाव?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे कई स्थानीय कारण होते हैं। एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। दूरी और लॉजिस्टिक्स के हिसाब से यह लागत बदल सकती है।
इसके अलावा स्थानीय मांग और खरीदारी की मात्रा भी कीमत को प्रभावित करती है। दक्षिण भारत में सोने की खपत काफी अधिक है, जिसके चलते वहां ज्वेलर्स की खरीद का स्तर भी बड़ा होता है। स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन की बाजार परिस्थितियों के आधार पर कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है।
ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी अंतिम बिक्री भाव को प्रभावित करती है। यानी जिस कीमत पर किसी कारोबारी ने पुराना स्टॉक खरीदा था, उसका असर उस स्टॉक की बिक्री कीमत पर पड़ सकता है।









