यह फैसला 28 से 30 सितंबर 2026 तक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को देखते हुए लिया गया है।
लगातार पांच दिन सेवाएं प्रभावित होने का था खतरा
प्रस्तावित हड़ताल से पहले 26 सितंबर को शनिवार और 27 सितंबर को रविवार की छुट्टी पड़ रही थी। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को हड़ताल प्रस्तावित है। ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग सेवाओं के प्रभावित होने की स्थिति बन सकती थी।
सरकार का कहना है कि आम लोगों की जरूरी बैंकिंग जरूरतों पर लंबे समय तक असर न पड़े, इसलिए रविवार को बैंकिंग सेवाएं सामान्य रखने का फैसला किया गया है।
सरकार ने यूनियनों से हड़ताल टालने की अपील की
वित्त मंत्रालय ने बैंक ग्राहकों की सुविधा को प्राथमिकता बताते हुए बैंक यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल स्थगित करने की अपील की है। मंत्रालय और बैंक प्रबंधन की ओर से जरूरी बैंकिंग सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं।
5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर विरोध
UFBU लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय वेतन संशोधन समझौते के तहत 5-डे बैंकिंग को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।
22 सितंबर को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के साथ हुई सुलह वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल पर आगे बढ़ने की बात कही।
यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/pezeshkian-unga-speech-trump-iran-hormuz/
11 सितंबर को भी हुई थी एक दिन की हड़ताल
बैंक यूनियनों ने इससे पहले 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल की थी। यूनियनों ने यह भी चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।
UFBU ने कहा- शांत बैठने का समय नहीं
नई दिल्ली में डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर की मध्यस्थता में हुई बैठक में IBA और DFS के प्रतिनिधियों ने यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की थी। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि 5-डे बैंकिंग का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है और इस पर संबंधित पक्षों से चर्चा की जा रही है।
हालांकि, UFBU का कहना है कि जब तक 5-डे बैंकिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक हड़ताल वापस लेने का सवाल नहीं है। संगठन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने सदस्यों से एकजुट रहने की अपील की है।









