- फिच ने FY2026-27 GDP अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.9% किया
- जून तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही
- अक्टूबर में RBI के 0.25% दर बढ़ाने का अनुमान
नई दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है। एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और जून तिमाही में दर्ज 7.8% की आर्थिक वृद्धि को अनुमान बढ़ाने की प्रमुख वजह बताया है। फिच के मुताबिक वैश्विक स्तर पर व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
आगे की तिमाहियों में रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान
फिच का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की बाकी तिमाहियों में आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। महंगाई, मानसून से जुड़ी चुनौतियों और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा एवं व्यापार से जुड़े जोखिमों का असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। इसके बावजूद निजी निवेश और घरेलू आर्थिक गतिविधियों से भारत की ग्रोथ को सहारा मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर में 0.25% बढ़ सकता है RBI का रेपो रेट
फिच ने अनुमान जताया है कि बढ़ती महंगाई और मांग के दबाव को देखते हुए RBI अक्टूबर 2026 की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। इस बढ़ोतरी के बाद पॉलिसी रेट 5.5% तक पहुंचने का अनुमान है। एजेंसी के अनुमान के मुताबिक 2027 की शुरुआत तक दर 5.75% तक जा सकती है, जबकि 2028 में इसके 5.5% पर आने की संभावना जताई गई है।
प्राइवेट निवेश और कर्ज की मांग में तेजी
फिच के मुताबिक भारत में निजी क्षेत्र के निवेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। एजेंसी को इस साल प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में 10% से ज्यादा वृद्धि की उम्मीद है। वहीं जुलाई में नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 19% रही। यह आंकड़ा कारोबार और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के लिए कर्ज की मांग में तेजी की ओर संकेत करता है।
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मूडीज ने भी बढ़ाया था ग्रोथ अनुमान
इससे पहले ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% किया था। मूडीज ने जून तिमाही में 7.8% की मजबूत वृद्धि और भारतीय अर्थव्यवस्था की वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती को इसके पीछे प्रमुख कारणों में शामिल किया था।









