लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से “GEN AI Powered Data Analytics: The Career Catalyst” विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में संपन्न हुआ। इसमें जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स की उपयोगिता तथा भविष्य में करियर की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
शिक्षा और रोजगार में बढ़ रही एआई की भूमिका
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मजहर खालिक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स वर्तमान समय की महत्वपूर्ण तकनीकें हैं। ये शिक्षा, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
जनरेटिव एआई से नए व्यावसायिक अवसर
सह-संयोजक डॉ. रज़ा अब्बास हैदरी ने कहा कि जनरेटिव एआई और डेटा एनालिटिक्स कार्यप्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनके इस्तेमाल से कामकाज को बेहतर बनाने के साथ नए व्यावसायिक अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इन तकनीकों की समझ विकसित करने को उपयोगी बताया।
डेटा विश्लेषण और ऑटोमेशन पर चर्चा
व्याख्यान के दौरान डेटा विश्लेषण, कार्यों के ऑटोमेशन और विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता पर चर्चा हुई। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
आयोजन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम के समन्वय में शगुफ्ता खान और मुस्कान चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों की जानकारी देना और भविष्य में करियर निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल के प्रति जागरूक करना रहा।









